MP-बिहार में आकाशीय बिजली से 8 की मौत, उत्तराखंड में राफ्टिंग पर रोक; जुलाई में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय होने के साथ ही बारिश और आकाशीय बिजली से जुड़े हादसे भी बढ़ने लगे हैं।
मध्य प्रदेश और बिहार में बिजली गिरने से कुल आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। उधर, उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऋषिकेश में गंगा नदी में राफ्टिंग पर 31 अगस्त तक रोक लगा दी गई है।
मध्य प्रदेश के हरदा और खरगोन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की जान चली गई। वहीं बैतूल में एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए। चंपा नदी में तेज बहाव के कारण बाइक समेत दो युवक बह गए।
बिहार में भी अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पिकनिक मनाने गए तीन युवक बरसाती नाले में बह गए, जिसमें एक की मौत हो गई और एक घायल हो गया।
उत्तराखंड में लगातार बारिश से देहरादून की रिस्पना नदी और रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने ऋषिकेश में राफ्टिंग गतिविधियों पर 31 अगस्त तक प्रतिबंध लगा दिया है।
इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है। अगले दो-तीन दिनों में इसके दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के शेष हिस्सों में भी पहुंचने की संभावना है।
हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। जून में भी देश में सामान्य से 39.8 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई, जो वर्ष 1901 के बाद पांचवीं सबसे कम जून की बारिश रही।
अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, केरल, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।
वहीं मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।





