यूपी में बाढ़ से 40 हजार घर प्रभावित, 10 हजार लोगों ने छोड़े घर; बिहार में 27 मौतें

दिल्ली। उत्तर प्रदेश में बारिश थमने के बावजूद नदियों का जलस्तर कम नहीं हुआ है। प्रदेश के 11 जिलों में 10 नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। शहर के 40 हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब 10 हजार लोगों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। कई इलाकों में सड़कों और गलियों में नावों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है।
बिहार में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग घटनाओं में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। सारण में बाढ़ के पानी में डूबने से 12 लोगों की मौत हुई है। वहीं, सीवान में इसी तरह की घटना में 6 बच्चों की जान चली गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
राजस्थान और MP से मानसून की विदाई
राजस्थान से करीब तीन दिन की देरी के बाद शनिवार को मानसून पूरी तरह विदा हो गया। मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश में गर्मी बढ़ने लगी है। झुंझुनूं के पिलानी में शनिवार को दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
मध्य प्रदेश से भी शनिवार को मानसून की विदाई हो गई। हालांकि, अक्टूबर में कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 7 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
हिमाचल-उत्तराखंड में भी मानसून खत्म
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी शनिवार को मानसून पूरी तरह विदा हो गया। उत्तराखंड में 5 अक्टूबर से पहाड़ी जिलों में मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है। 6 और 7 अक्टूबर को कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।



