पाकिस्तान से वीडियो, रांची से अपलोडिंग! गैंगस्टर प्रिंस खान के डिजिटल नेटवर्क का बड़ा खुलासा

रांची। झारखंड में सक्रिय संगठित अपराध और रंगदारी नेटवर्क के खिलाफ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और रांची पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के दौरान गैंगस्टर प्रिंस खान के डिजिटल नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान में बैठा प्रिंस खान खुद धमकी भरे वीडियो रिकॉर्ड करता है, लेकिन उन्हें सीधे सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं करता।
जांच एजेंसियों का दावा है कि प्रिंस खान तकनीकी निगरानी से बचने के लिए वीडियो अपने विश्वस्त सहयोगियों और गिरोह के सदस्यों को भेजता है। इसके बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग कर वीडियो सार्वजनिक करते हैं। वीडियो अपलोड करने के बाद इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड और मोबाइल नंबरों को नष्ट कर दिया जाता है, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।
हालांकि तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को ऐसे कई लोगों के नाम मिले हैं, जो लंबे समय से गिरोह के लिए डिजिटल प्रचार-प्रसार और वीडियो अपलोडिंग का काम कर रहे हैं। इनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
एटीएस और रांची पुलिस ने राज्य में सक्रिय छह बड़े आपराधिक गिरोहों के करीब 150 सदस्यों की सूची तैयार की है। इनमें प्रिंस खान, सुजीत सिन्हा, अमन साव, राहुल सिंह, राहुल दुबे और पांडेय गिरोह शामिल हैं। पुलिस अब केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क, बैंक खातों, संपत्तियों और संभावित बेनामी निवेश की भी जांच कर रही है।
विभिन्न जेलों में बंद गिरोह के सदस्यों से भी पूछताछ शुरू कर दी गई है। जेल प्रशासन को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। एटीएस अधिकारियों का कहना है कि इस बार लक्ष्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। आने वाले दिनों में राज्यभर में इस मामले में कई बड़ी कार्रवाइयों की संभावना जताई जा रही है।





