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रेशम विभाग की पहल से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय, 5,700 तसर डिम्ब समूह वितरित

रायपुर। कोसा बीज केंद्र, मोदकपाल में तसर पालन को बढ़ावा देने की दिशा में रेशम विभाग ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए हितग्राहियों को 5,700 तसर स्वस्थ डिम्ब समूहों का वितरण किया है।

राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना है।

गुणवत्तायुक्त तसर बीज उपलब्ध होने से हितग्राही वैज्ञानिक पद्धति से तसर पालन कर बेहतर उत्पादन और अधिक आर्थिक लाभ अर्जित कर सकेंगे।

वितरित 5,700 डिम्ब समूहों की कुल लागत 91,200 रुपए है। इसमें राज्य शासन ने 79,800 रुपए की सब्सिडी प्रदान की, जबकि हितग्राहियों से केवल 11,400 रुपए का अंशदान लिया गया।

इस प्रकार अत्यंत कम लागत पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराकर तसर पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की यह अनुदान आधारित व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

रेशम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, इन स्वस्थ डिम्ब समूहों से लगभग दो लाख कोसों का उत्पादन होने की संभावना है।

इससे न केवल हितग्राहियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि बीजापुर जिले में तसर उत्पादन को भी नई गति मिलेगी।

तसर उत्पादन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

रेशम विभाग ने बताया कि योजना के तहत केवल बीज वितरण ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और समय-समय पर आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे तसर पालन की आधुनिक तकनीकों को अपनाने में आसानी होगी और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

राज्य शासन की यह पहल आत्मनिर्भर ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के साथ-साथ वनांचल क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।

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