सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा संपन्न: रायपुर लौटे 1040 विशिष्टजनों का भव्य स्वागत, प्रथम ज्योतिर्लिंग के किए दर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा सफलता के साथ संपन्न हो गई। पांच दिवसीय यात्रा के बाद प्रदेश के सभी जिलों से शामिल 1040 विशिष्टजन शुक्रवार को सकुशल रायपुर लौटे। रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का पारंपरिक रीति-रिवाज, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण के साथ भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने इस यात्रा को अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन कराने के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता से जोड़ना था। यात्रा में पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों, साहित्यकारों, कलाकारों, संस्कृति कर्मियों, समाजसेवियों और अन्य विशिष्टजनों ने भाग लिया।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग ने यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था की। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, गुजरात सरकार और सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से आवागमन, आवास, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गईं। संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे भी पूरी यात्रा के दौरान मौजूद रहे।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी और नदियों का जल भगवान सोमनाथ को अर्पित कर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित लाइट एंड साउंड शो भी देखा, जिसमें सोमनाथ के पुनर्निर्माण और भारतीय सांस्कृतिक गौरव की प्रेरक गाथा प्रस्तुत की गई।
रायपुर लौटे यात्रियों ने कहा कि वर्षों से संजोई गई सोमनाथ दर्शन की इच्छा इस निःशुल्क और सुव्यवस्थित यात्रा से पूरी हुई। उन्होंने शासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला प्रेरक अभियान रहा। सरकार ने इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय धरोहर से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल बताया।





