5 करोड़ की सड़क पहली बारिश में उखड़ी: 30 दिन भी नहीं टिकी PWD की रोड, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

रायगढ़ के गोतमा-कोतासुरा मार्ग पर जगह-जगह धंसे शोल्डर, डामर उखड़ा; ठेकेदार पर लीपापोती का आरोप
रायगढ़। रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से बनी पीडब्ल्यूडी की नई सड़क पहली ही बारिश में जवाब दे गई।
गोतमा से कोतासुरा तक बने इस मार्ग का निर्माण पूरा हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी है। शोल्डर धंस गए हैं और कई स्थानों पर डामर टूटने से गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहली बारिश में ही सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई। सड़क के किनारे धंसने लगे और बीच का हिस्सा भी टूटने लगा। शिकायत के बाद ठेकेदार ने क्षतिग्रस्त हिस्सों में बालू और मिट्टी डालकर मरम्मत के नाम पर केवल लीपापोती कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान उन्होंने ठेकेदार से अच्छी तरह रोड रोलर चलाने और गुणवत्ता का ध्यान रखने की बात कही थी। तब ठेकेदार ने सड़क की गारंटी होने का भरोसा दिया था। अब सड़क की हालत देखकर ग्रामीणों का कहना है कि पहले की बोल्डर वाली सड़क ही बेहतर थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण में डामर और गिट्टी के तय मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण पहली ही बारिश में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। कई जगह सड़क पर गड्ढे और कीचड़ जमा हो गया है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कराने वाले ठेकेदार अशोक केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद उन्हें टिकाऊ सड़क नहीं मिल सकी।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता अमित कश्यप ने सड़क टूटने के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि सड़क में कोई बड़ी दरार नहीं है।
जहां मामूली क्षति हुई थी, उसे भर दिया गया है और सड़क पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, ग्रामीण विभाग के इस दावे से सहमत नहीं हैं और गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।





