पीएम जनमन योजना से संगीता को मिला पक्का मकान, बारिश में छत टपकने की परेशानी दूर

सरगुजा के खाला गांव की पहाड़ी कोरवा महिला को मिली राहत, घर में नल से पानी की सुविधा भी
रायपुर। कभी आसमान में बादल छाते ही संगीता पहाड़ी कोरवा की चिंता बढ़ जाती थी। खपरैल और कच्ची छत वाले मकान में बारिश का पानी टपकने लगता था। घर के भीतर पानी आने से परिवार को काफी परेशानी होती थी। अब प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से उनका पक्का घर बन गया है। इससे परिवार को बारिश में होने वाली परेशानियों से राहत मिली है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत खाला के कोरवा पारा निवासी संगीता के लिए पक्का मकान वर्षों पुराना सपना था। कच्चे घर में रहने के दौरान उन्हें बारिश में घरेलू सामान को पानी से बचाने और सुरक्षित रहने की चिंता सताती थी। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मकान बनने के बाद उनका परिवार अब सुरक्षित छत के नीचे रह रहा है।
पक्का घर बनने से बदली जिंदगी
संगीता बताती हैं कि पहले बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था। घर के भीतर पानी आने से काफी परेशानी होती थी। अब पक्का मकान बन जाने से यह समस्या दूर हो गई है। परिवार को रहने के लिए बेहतर सुविधा मिली है। उनके पति शनि लाल हैं। संगीता अपने परिवार के साथ नए मकान में रह रही हैं।
नल से पानी की सुविधा भी मिली
पक्के आवास के साथ घर में नल से पानी की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में सहूलियत हो रही है। संगीता का कहना है कि अब परिवार पहले की तरह बारिश की चिंता किए बिना घर में रह सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आवास मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा, “पहले हमारा खपरैल और कच्ची छत वाला घर था। बरसात में पानी टपकता था, जिससे बहुत परेशानी होती थी। अब आवास मिल गया है। घर में नल से पानी की सुविधा भी है।”
विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार को मिला लाभ
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति के पात्र परिवारों को पक्के आवास की सुविधा देना है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत सामने आई संगीता की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास और बेहतर जीवन की सुविधा मिल रही है। उनके लिए पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा और सुकून का आधार बन गया है।





