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पति के निधन के बाद बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहीं रोशनी, योजना से मिली 1 लाख की मदद

दिव्यांग सहायता योजना से मिला आर्थिक सहारा; बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और भविष्य संवारने में जुटीं

रायपुर। पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी अचानक संभालने वाली गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला निवासी श्रीमती रोशनी रोहनी के लिए शासन की आर्थिक सहायता मुश्किल समय में संबल बनी है। श्रम विभाग की दिव्यांग सहायता योजना के तहत उन्हें एक लाख रुपए की सहायता राशि मिली है। इस राशि से वह बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

रोशनी के पति श्रम विभाग में निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आजीविका चलाने के साथ बच्चों की शिक्षा जारी रखने की चुनौती खड़ी हो गई। ऐसे समय में योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता ने परिवार को तत्काल आर्थिक राहत दी।

बच्चों की पढ़ाई को नहीं रुकने देंगी

रोशनी के लिए यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का जरिया भी बनी है। वह प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनकी अन्य जरूरी जरूरतों के लिए कर रही हैं। उनका कहना है कि परिस्थितियां भले ही कठिन हों, लेकिन वह आर्थिक परेशानियों को बच्चों की शिक्षा और उनके सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनने देंगी।

उन्होंने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां अचानक बढ़ गई थीं। ऐसे समय में मिली सहायता से बच्चों की पढ़ाई को लेकर उनकी चिंता कुछ कम हुई है। अब वह बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

योजना का लाभ मिलने पर रोशनी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में मिली एक लाख रुपए की सहायता उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी है। इससे उन्हें बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और भविष्य की बेहतर तैयारी करने का हौसला मिला है।

श्रमिक परिवारों के लिए आकस्मिक परिस्थितियों में मिलने वाली ऐसी सहायता तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण जरूरतों को जारी रखने में भी मददगार साबित होती है।

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