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राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, CM साय ने दिया कंधा

मुख्यमंत्री बोले- उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति, पैतृक गांव भेण्ड्रा में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

रायपुर। अहिवारा विधायक एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमनलाल कोर्सेवाड़ा शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित उनके पैतृक गांव भेण्ड्रा में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का असमय निधन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सुलझे हुए, परिपक्व, मिलनसार और मृदुभाषी जनप्रतिनिधि थे। अपने क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। एक शिक्षक से विधायक तक का उनका सफर जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है।

स्वास्थ्य लाभ लेकर लौटने की थी उम्मीद

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि उपचार के दौरान उनकी लगातार कोर्सेवाड़ा से बातचीत होती रही थी। उन्हें कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वे हैदराबाद से स्वस्थ होकर वापस नहीं लौटेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। चिकित्सक उनके इलाज के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे थे। खुद कोर्सेवाड़ा ने भी स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद जताई थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

उल्लेखनीय है कि 78 वर्षीय कोर्सेवाड़ा का हैदराबाद में उपचार के दौरान निधन हो गया था। शनिवार सुबह उनका पार्थिव शरीर रायपुर लाया गया। इसके बाद भिलाई-3 स्थित शासकीय आवास में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया और फिर पैतृक गांव भेण्ड्रा ले जाया गया।

जिला राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित

विधायक के निधन के सम्मान में बालोद जिला प्रशासन ने जिला स्तरीय राज्योत्सव सादगी से मनाने का निर्णय लिया है। समारोह के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। अब केवल शासकीय योजनाओं और जिले के विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। अंतिम संस्कार में प्रदेश के कई मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

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