छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री शुल्क घटने से फायदा, भाई ने बहनों को दिए 46 हजार रुपए

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क घटाकर 500 रुपए करने से लोगों को आर्थिक राहत मिल रही है। बलौदाबाजार के अभिलाष को इस व्यवस्था के तहत 46,846 रुपए की बचत हुई। उन्होंने बचत की पूरी राशि अपनी बहनों को उपहार में दे दी। इससे शासन की एक पहल परिवार के लिए खुशियों की वजह बन गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग ने सेवाओं को सरल और किफायती बनाने के लिए कई सुधार किए हैं। पारिवारिक हकत्याग से जुड़े पात्र दस्तावेजों पर मात्र 500 रुपए पंजीयन शुल्क निर्धारित करना भी इसी का हिस्सा है।
कम खर्च में पूरी हुई रजिस्ट्री
सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान अभिलाष ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कराने में उन्हें निर्धारित रियायती शुल्क का लाभ मिला। इससे 46,846 रुपए की बचत हुई। उन्होंने इस राशि को अपने पास रखने के बजाय बहनों को उपहार के रूप में देने का फैसला किया।
अभिलाष के लिए यह राहत दोहरी खुशी लेकर आई। एक ओर संपत्ति से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर बचत की राशि बहनों के काम आई। उन्होंने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार जताया।
परिवारों को मिल रही आर्थिक राहत
राज्य सरकार के अनुसार, पारिवारिक हकत्याग से संबंधित पात्र दस्तावेजों पर 500 रुपए पंजीयन शुल्क तय होने से संपत्ति के अधिकारों के व्यवस्थापन में होने वाला खर्च कम हुआ है। इससे उन परिवारों को विशेष राहत मिल रही है, जिन्हें पहले इस प्रक्रिया में अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत विभाग नागरिकों से सीधे संवाद कर योजनाओं और सुविधाओं के अनुभव भी जान रहा है। अभिलाष का मामला बताता है कि पंजीयन शुल्क में राहत से होने वाली बचत का इस्तेमाल परिवार की खुशियों के लिए भी किया जा सकता है।





