मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से वनदेवी की राह हुई आसान, अब आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भरता होगी कम

जांजगीर-चांपा के सेवा सेतु शिविर में मिली सहायता, दैनिक जरूरतें पूरी करने में मिलेगी सहूलियत
रायपुर। दैनिक जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़े, तो आत्मनिर्भर बनने की चाह और बढ़ जाती है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सेमरा निवासी वनदेवी कर्ष के लिए मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल ऐसी ही राहत लेकर आई है।
नवागढ़ तहसील के सेमरा गांव में आयोजित सेवा सेतु शिविर में उन्हें मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल दी गई। इससे अब उनके लिए घर से बाहर निकलना और जरूरी कामों के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान होगा।
आवागमन में मिलेगी राहत
वनदेवी कर्ष को दैनिक कार्यों के लिए आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जरूरी कामों से बाहर जाने के लिए उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से अब वे अपनी जरूरत के मुताबिक अधिक आसानी से आ-जा सकेंगी। इससे परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों पर उनकी निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
वनदेवी के लिए यह ट्राइसाइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में मददगार साबित होगी। इससे दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिलेगी और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
सेवा सेतु शिविर में सहायता मिलने पर वनदेवी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिविरों के जरिए हितग्राहियों तक पहुंच रही मदद
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। इन शिविरों में जरूरतमंदों की आवश्यकताओं के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
वनदेवी कर्ष को मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल इस बात का उदाहरण है कि जरूरत के अनुरूप मिलने वाली सहायता किसी व्यक्ति के दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ उसे आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देती है।





