देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट: बिहार-ओडिशा में भारी बारिश, MP-छत्तीसगढ़ में भी जोरदार बारिश की संभावना

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। 10 सितंबर को बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका है।
बिहार-झारखंड में भारी बारिश
बिहार के कई जिलों में 10 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। पटना, भोजपुर, बक्सर, सारण, वैशाली, भागलपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बिहार में बारिश का असर 13 सितंबर तक बने रहने का अनुमान है।
झारखंड में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बारिश का प्रभाव बढ़ने की संभावना है।
ओडिशा में बहुत भारी बारिश का खतरा
ओडिशा में 10 सितंबर को देश के सबसे सक्रिय मौसम क्षेत्रों में से एक रहने की संभावना है। राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसम सिस्टम से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
MP-छत्तीसगढ़ में भी बारिश
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 10 सितंबर को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में भी जोरदार बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
UP-उत्तराखंड में आंधी-बिजली का अलर्ट
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश से भूस्खलन और अचानक जलभराव का खतरा बना रह सकता है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रह सकता है।
राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून
राजस्थान में भी 10 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 11 से 14 सितंबर के बीच कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी खुले में रखी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।





