योजना की राशि से बच्चे के पोषण और जरूरतों को पूरा करने में मिली मदद; आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने योजना से जोड़ा

रायपुर। मातृत्व का समय महिला के जीवन का महत्वपूर्ण दौर होता है। गर्भावस्था और प्रसव के बाद मां और बच्चे के बेहतर पोषण व देखभाल के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की जरूरत होती है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बन रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम आमाडांड निवासी वर्षा पुरी को भी योजना का लाभ मिला। सहायता राशि से उन्होंने बच्चे की जरूरतों और पोषण संबंधी खर्च पूरे किए, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दी योजना की जानकारी
वर्षा पुरी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी मिली। उन्हें योजना के उद्देश्य, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इसके बाद उन्होंने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर योजना के लिए आवेदन किया।
आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रसव के कुछ महीनों के भीतर सहायता राशि उनके बैंक खाते में पहुंची। समय पर मिली इस राशि से बच्चे के जन्म के बाद उसकी देखभाल और जरूरी सामान की व्यवस्था करने में परिवार को मदद मिली।
बच्चे के पोषण में मिली मदद
वर्षा ने बताया कि योजना से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने बच्चे के भरण-पोषण और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में किया। आर्थिक मदद मिलने से बच्चे की देखभाल आसान हुई और परिवार पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम हुआ।
उनका कहना है कि मातृ वंदना योजना जैसी योजनाएं गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए काफी उपयोगी हैं। जरूरत के समय आर्थिक सहायता मिलने से महिलाएं अपने और बच्चे के स्वास्थ्य व पोषण पर बेहतर ध्यान दे पाती हैं।
प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
योजना का लाभ मिलने पर वर्षा पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की ऐसी योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को सीधे मदद मिल रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के माध्यम से गांवों में योजना की जानकारी पहुंचने से पात्र महिलाओं को इसका लाभ लेने में भी सुविधा हो रही है। वर्षा की कहानी बताती है कि समय पर मिली जानकारी और आर्थिक सहायता मातृत्व के दौर में परिवार के लिए महत्वपूर्ण संबल बन सकती है।





