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रजिस्ट्री के साथ ही हुआ नामांतरण, मोहम्मद जावेद को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

रायपुर। जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने और लंबे इंतजार की परेशानी से अब नागरिकों को राहत मिल रही है। बिलासपुर के नवापारा, सिरगिट्टी निवासी मोहम्मद जावेद ने इसका अनुभव खुद किया। संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ ही ऑटोम्यूटेशन के जरिए उनका नामांतरण भी हो गया। इसके लिए उन्हें अलग से तहसील कार्यालय नहीं जाना पड़ा।

जावेद ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान बताया कि व्यापार विहार में शुरू हुए नए सर्वसुविधायुक्त पंजीयन कार्यालय से भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया उनके लिए आसान हुई है।

पहले अलग आवेदन और कई चक्कर लगाने पड़ते थे

जावेद के मुताबिक पहले संपत्ति का पंजीयन कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। प्रक्रिया पूरी होने तक कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस बार रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से समय और मेहनत दोनों की बचत हुई।

ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था में संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वत: आगे बढ़ती है। इससे नागरिकों को अलग आवेदन और अतिरिक्त कार्यालयीन प्रक्रिया से काफी हद तक राहत मिलती है।

व्यापार विहार में नया कार्यालय, बढ़ी सुविधा

जावेद ने बताया कि पहले पंजीयन संबंधी काम के लिए उन्हें नेहरू चौक स्थित कार्यालय जाना पड़ता था। व्यापार विहार में नया कार्यालय शुरू होने के बाद पंजीयन कराना अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने कार्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

ढाई साल में 34 नए पंजीयन कार्यालय

प्रदेश में पंजीयन सेवाओं को नागरिकों के करीब पहुंचाने के लिए कार्यालय और मानव संसाधन का विस्तार किया जा रहा है। विभाग के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में 34 नए पंजीयन कार्यालय स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 78 नए पद सृजित किए गए हैं।

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े जिलों में सब-रजिस्ट्रारों की संख्या में तीन गुना वृद्धि की गई है। नए कार्यालयों से स्थानीय स्तर पर सेवाएं उपलब्ध कराने और कार्यभार को व्यवस्थित करने में मदद मिल रही है।

जावेद का अनुभव पंजीयन व्यवस्था में हो रहे बदलाव को दिखाता है। रजिस्ट्री के साथ नामांतरण और नए कार्यालयों के विस्तार से नागरिकों का समय बच रहा है और प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल हो रही है।

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