चार शहरों में तालाबों का होगा कायाकल्प, 22.18 करोड़ मंजूर

अमृत मिशन 2.0 के तहत जशपुर, कांकेर, अहिवारा और डोंगरगढ़ में होंगे काम; 5 साल के रखरखाव का प्रावधान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चार शहरों में पुराने तालाबों को नया जीवन देने की तैयारी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मिशन अमृत 2.0 के तहत तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 22 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने इन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है।
इस योजना का उद्देश्य शहरों के पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित करने के साथ जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को बढ़ावा देना है। स्वीकृत राशि में तालाबों के निर्माण और पुनर्जीवन के साथ 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण (O&M) का प्रावधान भी शामिल है।
किस शहर में कितनी राशि
जशपुरनगर: वार्ड क्रमांक-9 के सती तालाब के लिए 4.17 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
कांकेर: वार्ड क्रमांक-19 अघननगर स्थित दुधावा तालाब के पुनर्जीवन पर 5.04 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
अहिवारा: छटवा तालाब के लिए सबसे अधिक 9.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है।
डोंगरगढ़: सिंघोला बांधा तालाब के लिए 3.38 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
इन परियोजनाओं की निगरानी भारत सरकार द्वारा नियुक्त थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मॉनिटरिंग एजेंसी (IRMA) करेगी।
जल स्रोतों के साथ भूजल भी होगा मजबूत
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को काम में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार करेगा।
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि तालाब केवल पानी संग्रहित करने के साधन नहीं हैं, बल्कि शहरों के पर्यावरणीय संतुलन और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन परियोजनाओं से जल संरक्षण के साथ नगरीय क्षेत्रों की पर्यावरणीय गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।





