NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, CBI जांच तेज

दिल्ली। NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी नीट की कार्यप्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा खत्म हो चुका है, इसलिए इसकी मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
इधर, मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम महाराष्ट्र के नासिक पहुंची और आरोपी शुभम खैरनार को कस्टडी में लिया। वहीं, गुरुग्राम से एक BAMS छात्र को भी राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक का नेटवर्क राजस्थान, महाराष्ट्र और केरल तक फैला हुआ है।
NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द करते हुए माना कि पेपर लीक हुआ था। 3 मई को हुई इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि एजेंसी को 7 मई को व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल वॉट्सऐप पर वायरल हुए थे, जो असली पेपर से मेल खाते थे। जांच में पता चला कि 300 से ज्यादा सवालों वाला एक ‘क्वेश्चन बैंक’ कई छात्रों तक पहुंचा था, जिनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में आए।
राजस्थान के सीकर से इस लीक का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, केरल में MBBS कर रहे छात्र ने यह क्वेश्चन बैंक अपने दोस्त को भेजा था, जिसके बाद यह कई कोचिंग संचालकों और छात्रों तक पहुंच गया। अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। विपक्ष ने मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है, जबकि शिक्षा विशेषज्ञों ने NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाने की मांग उठाई है।



