प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत 1000 से अधिक दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, मुख्यमंत्री ने इंडोर स्टेडियम के लिए 7 करोड़ देने की घोषणा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां हर व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले।
दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री सोमवार को राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति देश की सोच बदलने का काम किया है। उन्होंने ‘दिव्यांग’ शब्द के माध्यम से सम्मान और आत्मगौरव की नई भावना जगाई है।
राज्य सरकार भी इसी सोच के अनुरूप दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1000 से अधिक हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कृत्रिम हाथ-पैर, वैशाखी, वॉकिंग स्टिक सहित विभिन्न आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए।
उन्होंने कहा कि ये उपकरण केवल सहायता सामग्री नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत हैं। रायपुर जिले में विशेष अभियान के तहत 1600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई है।
भारत सरकार से इस परियोजना के लिए 3.58 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं और अब तक कुल 1739 दिव्यांगजन प्रोजेक्ट ‘सहारा’ से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और पुनर्वास जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने ‘सेवा सेतु’ एप, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और रायपुर जिला प्रशासन के विभिन्न नवाचारों की भी सराहना की।
इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट सरल एवं प्रोजेक्ट गोल्डन आवर का शुभारंभ तथा “नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन व उनके परिजन मौजूद रहे।





