नयापारा मस्जिद की वक्फ दुकान खाली करने का आदेश, 45 दिन की मोहलत

रायपुर। नयापारा स्थित सुन्नी हनफी मस्जिद ट्रस्ट की बेशकीमती वक्फ संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ अधिकरण ने अहम आदेश दिया है।
अधिकरण ने दुकान पर काबिज अब्दुल मतीन सिद्दीकी को अतिक्रमणकारी मानते हुए 45 दिन के भीतर दुकान खाली करने और उसका कब्जा वक्फ बोर्ड या मस्जिद के मुतवल्ली को सौंपने के निर्देश दिए हैं। आदेश 29 सितंबर 2026 को पारित किया गया है। इसके अनुसार दुकान 10 नवंबर तक खाली करनी होगी।
जीई रोड पर है दो मंजिला दुकान
फूल चौक से आगे जीई रोड पर स्थित इस संपत्ति का क्षेत्रफल करीब 500 वर्गफीट है। रिकॉर्ड के मुताबिक, इसे मध्यप्रदेश राजपत्र में 25 अगस्त 1989 को क्रमांक 114 और औकाफ पंजी के सरल क्रमांक 11/114 के तहत सुन्नी हनफी मस्जिद नयापारा ट्रस्ट की वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था। ट्रस्ट का आरोप है कि अब्दुल मतीन ने वैध किरायानामा निष्पादित कराए बिना दुकान पर कब्जा बनाए रखा।
दस्तावेजों के अनुसार, वक्फ बोर्ड ने 4 मार्च 2020 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद बोर्ड के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 7 अगस्त 2020 को दुकान खाली कराने का आदेश दिया। मामला बाद में हाईकोर्ट भी पहुंचा।
किराए को लेकर था विवाद
अब्दुल मतीन का पक्ष है कि उन्होंने 1 फरवरी 1978 को 175 रुपए मासिक किराए पर दुकान ली थी। वहीं, ट्रस्ट का कहना है कि 1978 के बाद वैध किरायानामा नहीं कराया गया। वक्फ संपत्ति पट्टा नियम 2014 के तहत दुकान का बाजार मूल्यांकन कर 30 हजार रुपए मासिक किराया तय करने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि कब्जाधारी 3 हजार रुपए प्रतिमाह देने को तैयार थे।
5 हजार करोड़ की संपत्ति का दावा
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई तेज की जा रही है। बोर्ड के पास करीब 5 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति होने का दावा है।
इनमें शहरी क्षेत्रों में 3,500 करोड़ और ग्रामीण इलाकों में 1,500 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल बताई गई है। कई संपत्तियों पर कब्जे और कम किराया मिलने से मस्जिदों व दरगाहों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।





