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बलौदाबाजार के खरवे गांव में 8 मौतों का रहस्य सुलझा,आरोपी रामसहाय गिरफ्तार; जहरीली शराब से हत्या की आशंका

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के खरवे गांव में तीन महीने के भीतर हुई 8 संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से पूरे मामले का खुलासा नहीं किया है। दोपहर 1:30 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठाया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शनिवार को रामसहाय को पूछताछ के लिए बुलाया था। सख्ती से पूछताछ के दौरान उसने कई अहम जानकारियां दीं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और जहर देने से संबंधित धाराओं के तहत कुल 9 एफआईआर दर्ज की हैं।

खर्वे गांव में मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ था। इसके बाद फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई के दौरान कुल 8 ग्रामीणों की मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों ने पूरे गांव में दहशत फैला दी थी। ग्रामीणों के दबाव पर पुलिस ने 7 शवों को कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमॉर्टम भी कराया।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें रामसहाय ने शराब पिलाई थी। शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई। गांव में यह चर्चा भी तेज है कि गड़े धन की तलाश में कथित रूप से मानव बलि देने की साजिश रची गई थी। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया है कि 21 लोगों की बलि देने की योजना बनाई गई थी, जिनमें से 8 लोगों की जान जा चुकी है।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बिसरा रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है। पूरे प्रदेश की नजर अब पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी है, जहां इस सनसनीखेज मामले के पीछे की असली कहानी सामने आ सकती है।

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