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देश में मानसून पर ब्रेक, कई राज्यों में बारिश थमी: जुलाई में 11 साल में तीसरी बार ऐसा दौर, पूर्वोत्तर में बाढ़ तो उत्तर-पश्चिम में उमस बढ़ी

दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में जुलाई के मध्य में मानसून की रफ्तार थम गई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश इलाकों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है।

वर्ष 2015 और 2021 के बाद 11 साल में यह तीसरा अवसर है, जब जुलाई में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनी है। हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे कई स्थानों पर बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

बारिश की कमी का असर कई राज्यों में साफ दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश में मानसूनी सीजन के दौरान अब तक 241.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 3 प्रतिशत कम है।

उत्तर प्रदेश में 1 जून से 13 जुलाई के बीच 161.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 199.7 मिमी है। यानी राज्य में करीब 19 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई और श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। छत्तीसगढ़ में भी पिछले 24 घंटे में बारिश नहीं हुई और अब तक सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

दूसरी ओर पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।

अरुणाचल प्रदेश में कुमे नदी में आई बाढ़ के बाद भारत-चीन सीमा के पास तैनात आईटीबीपी के 15 जवानों से संपर्क टूट गया, जबकि असम में कई गांव जलमग्न हो गए हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश कम होने के बावजूद हवा में नमी अधिक रहने से हीट इंडेक्स बढ़ रहा है। इसके कारण वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने लोगों को उमस और गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

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