CGMSC ऑडिट में बड़ा खुलासा: 1,136 करोड़ के खर्च का हिसाब नहीं, दवा और उपकरण खरीदी में मिली गंभीर गड़बड़ियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों की खरीद और निर्माण कार्य कराने वाली इस संस्था में वर्ष 2021 से 2025 के बीच 1,136 करोड़ रुपये के खर्च का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) उपलब्ध नहीं मिला। इससे वित्तीय प्रबंधन और खर्च की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार सीजीएमएससी ने इस अवधि में 3,261 करोड़ रुपये खर्च दर्शाए, जबकि इसके मुकाबले केवल 2,125 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण-पत्र जारी किए गए। यानी खर्च और यूसी के बीच 1,136 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया। कई मदों में खर्च और जारी किए गए यूसी के आंकड़े भी मेल नहीं खा रहे हैं।
सबसे बड़ी गड़बड़ी उपकरण खरीदी में सामने आई। डीएचएस इक्विपमेंट मद में करीब 280 करोड़ रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि केवल 31.96 करोड़ रुपये के यूसी जारी हुए। वहीं डीएमई इक्विपमेंट में 254 करोड़ रुपये खर्च के मुकाबले सिर्फ 24.98 करोड़ रुपये के यूसी उपलब्ध मिले। निर्माण कार्यों में भी करोड़ों रुपये का अंतर पाया गया। इसके अलावा आयुष और डीएचएस निर्माण मद में भी उपयोगिता प्रमाण-पत्र अधूरे पाए गए।
ऑडिट में यह भी खुलासा हुआ कि 13वें वित्त आयोग की योजना समाप्त होने के बाद भी 48.68 लाख रुपये बैंक खाते में पड़े रहे। वित्तीय नियमों के अनुसार यह राशि सरकार को वापस की जानी चाहिए थी, लेकिन 31 मार्च 2025 तक न तो पैसा लौटाया गया और न ही संबंधित खाता बंद किया गया।
सीजीएमएससी के अधिकारियों ने ऑडिट रिपोर्ट मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि वर्ष 2021 से 2025 तक के ऑडिट की रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





