30 साल बाद इंद्रावती टाइगर रिजर्व में शुरू होगी जंगल सफारी, 4 जिप्सी दौड़ेंगी

1 नवंबर से पर्यटक ले सकेंगे जंगल सफारी का आनंद, 9 किमी का होगा ट्रैक; स्थानीय 6 युवाओं को गाइड और ड्राइवर की ट्रेनिंग दी गई
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बड़ी पहल की जा रही है। करीब 30 साल के लंबे इंतजार के बाद यहां जंगल सफारी शुरू होने जा रही है। 1 नवंबर से पर्यटक रिजर्व के घने जंगलों की सैर कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें प्राकृतिक खूबसूरती के साथ दुर्लभ वन्यजीवों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जंगल सफारी शुरू होने से बीजापुर को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद है।
सफारी के पहले चरण में 9 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार किया गया है। इस रूट पर पर्यटकों को घने जंगलों के बीच भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए चार जिप्सियों की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक जिप्सी के लिए 2 हजार रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सफारी संचालन से जुड़ी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
जंगल सफारी शुरू होने का फायदा सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बनेंगे। सफारी के संचालन के लिए क्षेत्र के छह स्थानीय युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इन्हें गाइड और चालक के रूप में तैयार किया गया है। ये युवा पर्यटकों को जंगल की सैर कराने के साथ क्षेत्र के वन्यजीवों और प्राकृतिक विशेषताओं की जानकारी भी देंगे।
पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। जंगल सफारी शुरू होने से अब पर्यटक इस प्राकृतिक विरासत को करीब से देख सकेंगे। इससे बीजापुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। करीब तीन दशक बाद शुरू हो रही यह पहल क्षेत्र के पर्यटन विकास में नया अध्याय जोड़ सकती है।





