इंजेक्शन से दिए जाने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स कॉस्मेटिक नहीं: DCGI ने क्लीनिकों को जारी की चेतावनी

दिल्ली। देशभर में तेजी से बढ़ रहे ब्यूटी ट्रीटमेंट और एंटी-एजिंग इंजेक्शन पर अब ड्रग रेगुलेटर ने सख्ती दिखाई है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने साफ कहा है कि इंजेक्शन के जरिए दिए जाने वाले प्रोडक्ट्स को कानून के तहत ‘कॉस्मेटिक’ नहीं माना जा सकता।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि एंटी-एजिंग, स्किन ग्लो बढ़ाने या चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के नाम पर लगाए जाने वाले इंजेक्शन कॉस्मेटिक्स की कानूनी परिभाषा में नहीं आते। इसलिए ब्यूटी क्लीनिक, एस्थेटिक सेंटर और वेलनेस क्लीनिक इन्हें कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट बताकर इस्तेमाल नहीं कर सकते।
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना सर्जरी वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट्स का तेजी से प्रचार हो रहा है। कई क्लीनिक स्किन ब्राइटनिंग, एंटी-एजिंग और ग्लो इंजेक्शन को सुरक्षित कॉस्मेटिक प्रक्रिया बताकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
CDSCO ने सोमवार को जारी नोटिस में कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के अनुसार कॉस्मेटिक्स सिर्फ शरीर पर लगाने, छिड़कने, रगड़ने या साफ-सफाई और सुंदरता बढ़ाने के लिए होते हैं। इन्हें इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।
रेगुलेटर ने यह भी चेतावनी दी कि गलत दावे, भ्रामक विज्ञापन और प्रतिबंधित तत्वों वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध ब्यूटी इंजेक्शन या भ्रामक ट्रीटमेंट दिए जा रहे हों, तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। DCGI ने स्पष्ट किया कि कॉस्मेटिक्स का उद्देश्य केवल सुंदरता बढ़ाना है, इलाज करना नहीं।





