ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

मैनपाट में मौतों पर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट: पीलिया या सामूहिक संक्रमण के नहीं मिले सबूत, अलग-अलग कारणों से हुई मौतें

रायपुर। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड में पांच लोगों की कथित पीलिया से मौत की खबरों के बाद स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि सभी मृतकों की मौत अलग-अलग चिकित्सकीय कारणों से हुई थी और किसी भी मामले को सामूहिक रूप से पीलिया या जलजनित संक्रमण से जोड़ने के प्रमाण नहीं मिले हैं।

संयुक्त जांच दल ने प्रभावित गांवों का दौरा कर मृतकों के परिजनों से चर्चा की, वर्बल ऑटोप्सी कराई, संभावित मरीजों की स्वास्थ्य जांच की और पेयजल स्रोतों का परीक्षण किया। जांच में ग्राम कुनिया निवासी जितेंद्र यादव की मृत्यु सेप्टिक शॉक (एमओडीएस) के कारण होना पाया गया। वहीं ग्राम बरिमा निवासी भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, लेकिन चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार उनकी मृत्यु यकृत संबंधी जटिलताओं और कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण हुई।

ग्राम बरिमा के विकास यादव की मृत्यु के संबंध में भी अलग-अलग चिकित्सकीय कारण सामने आए हैं। वहीं नर्मदापुर निवासी विकास यादव को हेपेटाइटिस नहीं था और वे बचपन से सिकल सेल रोग से पीड़ित थे। उपचार के दौरान रायपुर में उनकी मृत्यु हुई। इसी तरह केसरा निवासी आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से प्रभावित नहीं थीं। वे लंबे समय से टीबी और श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रही थीं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मृतक अलग-अलग गांवों और पारों के निवासी थे, जिनके बीच 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। मृतकों के परिवारों और आसपास के लोगों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण करने पर किसी अन्य व्यक्ति में पीलिया या हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं मिले। इससे किसी सामूहिक संक्रमण या दूषित जल स्रोत से बीमारी फैलने की आशंका की पुष्टि नहीं होती।

एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे, दवा वितरण और पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन का कार्य लगातार कर रहा है। विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।

Related Articles

Back to top button