अब कबाड़ी के पास कार-बाइक कटवाना पड़ेगा महंगा: ₹5 लाख तक जुर्माना, FIR और जेल का भी प्रावधान

दिल्ली। चंडीगढ़ में अब पुरानी कार या बाइक को किसी भी स्थानीय कबाड़ी के पास कटवाना गैरकानूनी होगा।
प्रदूषण कम करने और पुराने वाहनों के वैज्ञानिक निपटारे के उद्देश्य से चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) ने केंद्र सरकार के ‘पर्यावरण (संरक्षण) (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स) नियम, 2025’ को सख्ती से लागू कर दिया है।
नए नियमों के तहत निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों की स्क्रैपिंग केवल सरकार से अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में ही कराई जा सकेगी।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था अपनी गाड़ी किसी अनधिकृत कबाड़ी, गैराज या स्क्रैप कारोबारी के पास कटवाती है तो उसके खिलाफ 1 लाख से 5 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज होने और जेल की सजा का भी प्रावधान है। यह आदेश 12 जुलाई से प्रभावी हो गया है।
नए नियम निजी और व्यावसायिक दोनों तरह के वाहनों पर लागू होंगे।
केंद्र की स्क्रैपेज नीति के अनुसार 20 वर्ष पुराने निजी और 15 वर्ष पुराने व्यावसायिक वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत केंद्रों पर ही स्क्रैप कराया जाएगा।
हालांकि वाहन की फिटनेस और अन्य नियमों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह नियम केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है। जिन सरकारी विभागों, कंपनियों या संस्थानों के पास 100 या उससे अधिक वाहन हैं, उन्हें भी पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग अधिकृत केंद्रों से ही करानी होगी।
स्क्रैपिंग के बाद वाहन मालिक को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और व्हीकल स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलेगा, जिसके आधार पर आरसी डी-रजिस्टर होगी और नई गाड़ी खरीदने पर टैक्स में छूट भी मिल सकेगी।
प्रशासन के अनुसार चंडीगढ़ में हर साल 10 से 15 हजार वाहन एंड-ऑफ-लाइफ श्रेणी में पहुंचते हैं। लगातार बढ़ते वाहनों और प्रदूषण को देखते हुए यह कदम पर्यावरण संरक्षण और वाहन स्क्रैपिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





