छत्तीसगढ़ में मिलेगी फ्रेश क्राफ्ट बीयर: माइक्रो ब्रुअरी खोलने की मंजूरी, 10 लाख होगी सालाना लाइसेंस फीस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब मुंबई, बेंगलुरु और गोवा की तर्ज पर क्राफ्ट बीयर का स्वाद मिल सकेगा।
राज्य सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने को मंजूरी दे दी है। नई आबकारी व्यवस्था के तहत इच्छुक कारोबारी निर्धारित नियमों का पालन कर लाइसेंस लेकर माइक्रो ब्रुअरी संचालित कर सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे होटल, रेस्तरां और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
माइक्रो ब्रुअरी में सीमित मात्रा में ताजा (क्राफ्ट) बीयर तैयार की जाती है और उसे उसी परिसर में ग्राहकों को परोसा जाता है। यह बीयर छोटे बैच में बनने के कारण स्वाद, गुणवत्ता और ताजगी के लिए जानी जाती है।
इसमें अलग-अलग फ्लेवर उपलब्ध होते हैं, जो सामान्य फैक्ट्री में बनने वाली बीयर से अलग होते हैं।
4 हजार वर्गफीट परिसर और 10 लाख फीस अनिवार्य
नई नीति के अनुसार माइक्रो ब्रुअरी और उससे जुड़े रेस्तरां के लिए कम से कम 4 हजार वर्गफीट का परिसर होना जरूरी होगा। साथ ही फायर सेफ्टी, मशीनों की सुरक्षा और अन्य तकनीकी मानकों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
संचालकों को हर साल 10 लाख रुपए की लाइसेंस फीस देनी होगी। पहले यह शुल्क 25 लाख रुपए था, जिसे घटाकर 10 लाख कर दिया गया है। लाइसेंस मिलने से पहले फीस का 25 प्रतिशत सुरक्षा राशि के रूप में जमा करना होगा।
रोजाना 1000 लीटर उत्पादन की अनुमति
सरकार ने एक माइक्रो ब्रुअरी को प्रतिदिन अधिकतम 1,000 बल्क लीटर और सालभर में 3.65 लाख बल्क लीटर क्राफ्ट बीयर उत्पादन की अनुमति दी है। इस पर 60 रुपए प्रति बल्क लीटर उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। बाजार में एक गिलास क्राफ्ट बीयर की अनुमानित कीमत 250 से 300 रुपए के बीच हो सकती है।
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर नई पहचान हासिल करेगा। साथ ही उत्पादन, बिक्री और टैक्स भुगतान की निगरानी भी सख्ती से की जाएगी।





