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यूसीसी पर सरगुजा संभाग में चर्चा, 5 जिलों के 1 हजार से ज्यादा लोगों ने दिए सुझाव

विवाह, तलाक, भरण-पोषण और विरासत जैसे मुद्दों पर रखी राय; सुझावों के विश्लेषण के बाद तैयार होगा ड्राफ्ट

अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों की राय और सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी है।

इसी कड़ी में गुरुवार को अम्बिकापुर के शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सरगुजा संभाग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक और समूह चर्चा हुई। इसमें संभाग के पांच जिलों से एक हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लेकर यूसीसी के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।

बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. ज्योति रानी सिंह, समिति के सचिव एवं रायपुर संभागायुक्त श्याम लाल धावड़े और सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा मौजूद रहे।

विवाह, तलाक और विरासत पर चर्चा

बैठक में विवाह और तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। समिति ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए समान नागरिक संहिता की मूल अवधारणा, इसके विभिन्न पहलुओं और सुझाव जुटाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि हुए शामिल

चर्चा में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और कोरिया जिले के प्रतिनिधि शामिल हुए। पंडो, उरांव, सर्व आदिवासी, गोंड, नगेशिया, यादव, साहू, ब्राह्मण, मुस्लिम सुन्नी, रोमन कैथोलिक और सर्व पिछड़ा वर्ग समाज सहित कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने लिखित और मौखिक सुझाव दिए। राजनीतिक दलों, शिक्षाविदों और विभिन्न निगम-मंडलों के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की।

ऑनलाइन भी दे सकते हैं सुझाव

समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राप्त सुझावों का अध्ययन और विश्लेषण करने के बाद ही समान नागरिक संहिता का अंतिम ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके हैं, वे भी अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके लिए समिति की आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in या ई-मेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in पर अपने विचार भेजे जा सकते हैं।

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