छत्तीसगढ़ का पहला सोलर बालिका शौचालय तैयार: 7 लाख रुपए से बना, दिव्यांग छात्राओं के लिए रैंप और अलग टॉयलेट

रायपुर। रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम तर्रा में प्रदेश का पहला सोलर बालिका शौचालय बनाया गया है।
वीबी-जी रामजी के तहत ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय परिसर में करीब 7 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया गया है।
शौचालय में सौर ऊर्जा से रोशनी, सेनेटरी पैड इंसिनिरेटर और दिव्यांग बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, रैंप व रेलिंग की सुविधा दी गई है। इससे स्कूल की 70 छात्राओं और दो महिला शिक्षिकाओं को राहत मिलेगी।
शौचालय निर्माण के लिए वीबी-जी रामजी योजना से 5 लाख रुपए और कलेक्टर गौरव सिंह ने गौण खनिज विकास मद से 2 लाख रुपए उपलब्ध कराए। परिसर में पानी के लिए नल और सिंटेक्स टंकी लगाई गई है। साफ-सफाई के साथ पेवर ब्लॉक और पौधरोपण भी किया गया है।
जर्जर शौचालय से मिलेगी मुक्ति
स्कूल में पुराना शौचालय जर्जर हो चुका था। इसके कारण छात्राओं को कई बार शौचालय के लिए घर जाना पड़ता था, जबकि महिला शिक्षिकाओं को पंचायत भवन की सुविधा लेनी पड़ती थी।
इससे छात्राओं को परेशानी होती थी और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। नया शौचालय बनने से छात्राओं को स्कूल में ही स्वच्छ और सुविधाजनक व्यवस्था मिलेगी। इससे उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अभनपुर में 94 शौचालय बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का लक्ष्य 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करना है।
जनपद पंचायत अभनपुर के सीईओ दयानंद देवांगन के मुताबिक, जनपद क्षेत्र में 94 बालिका शौचालयों के निर्माण के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। तर्रा की तर्ज पर अन्य स्थानों पर भी सुविधायुक्त शौचालय बनाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देना तथा उनके स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।





