छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: 17 की मौत, 36 झुलसे; वेदांता देगी 35-35 लाख मुआवजा और नौकरी

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों का इलाज रायगढ़, रायपुर और अन्य अस्पतालों में जारी है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। जिन लोगों को मौत हुई उनमें से मृतक 5 मजदूर पश्चिम बंगाल से,3 मजदूर झारखंड से, 2 बिहार से, 2 मजदूर उत्तर प्रदेश, 3 मजदूर सक्ती,1 मजदूर जांजगीर और 1 रायगढ़ जिले के रहने वाले था।
पढ़े मृतकों का नाम
रितेश कुमार 2, अमृत लाल पटेल, ठंडाराम लहरे, तरुण कुमार ओझा, अक़ीब खान, सुशांता जाना, अब्दुल करीम, उदब सिंह यादव, शेख सैफुदिन, पप्पू कुमार, अशोक परहिया, मानस गिरी, बृजेश कुमार, रामेश्वर महिलांगे, कार्तिक महतो, नदीम मन्सारी और शिबनाथ मुर्बु की हादसे में मौत हुई है।
बॉयलर फटने से हुआ था हादसा
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे सिंघीतराई स्थित प्लांट में अचानक बॉयलर फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, क्योंकि कई शव बुरी तरह झुलस चुके हैं।
हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच, अपनों को खो चुके परिजनों ने प्लांट के बाहर हंगामा करते हुए प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए और उचित मुआवजे की मांग की।
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं, घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। प्रशासन के अनुसार, हादसे की विस्तृत जांच जारी है और सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





