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सहकारिता की मजबूती से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर: हर ग्राम पंचायत में संचालित होंगी समितियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने सहकारी समितियों को मजबूत बनाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया है। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी सुविधाएं आसानी से पहुंचाई जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को बहुआयामी स्वरूप देने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज गतिविधियों से जोड़ा जाए।

बैठक में PACS गोदामों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएं समितियों के माध्यम से शुरू करने पर भी जोर दिया गया।

डिजिटल बैंकिंग और राष्ट्रीय स्तर से जुड़ेंगी समितियां

बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई। समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन खरीदी के लिए किसानों और समितियों का पंजीयन NCCF और NAFED के पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था मजबूत करने के लिए पैक्स, दुग्ध और मत्स्य समितियों में माइक्रो एटीएम लगाने तथा सदस्यों को रूपे कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने की समीक्षा भी की गई।

इथेनॉल प्लांट निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों के निर्माण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग, पैक्स कम्प्यूटरीकरण और पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता महादेव कावरे समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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