छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: लॉकडाउन में शराब सप्लाई करने वाला ट्रक जब्त, EOW-ACB का बड़ा दावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने लॉकडाउन के दौरान कथित तौर पर अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए एक ट्रक को जब्त किया है। एजेंसी का दावा है कि इसी वाहन के जरिए शराब को एमवी डिस्टलरीज से होटल और बार तक पहुंचाया गया था।
जांच के अनुसार, जब्त किया गया ट्रक नंबर CG04-MC-2593 एक उद्योग के नाम पर पंजीकृत है। एजेंसी का कहना है कि इस उद्योग के प्रोपराइटर मित्तल नाम के कारोबारी हैं। EOW-ACB के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर यह दावा किया गया है कि कारोबारी अनवर ढेबर के निर्देश पर इस ट्रक का इस्तेमाल शराब सप्लाई के लिए किया गया था।
जांच एजेंसी ने बताया कि मार्च-अप्रैल 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान एमवी डिस्टलरीज से करीब 8,400 पेटी शराब के अवैध परिवहन और बिक्री की जानकारी मिली है। एजेंसी का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक संगठित तरीके से किया गया था।
EOW-ACB के अनुसार, मामले की जांच में लॉकडाउन अवधि के दौरान निम्न गुणवत्ता वाली शराब के निर्माण और उसे बाद में नष्ट किए जाने से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 24 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। अन्य वाहनों के स्वामित्व और उनके इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
इसके अलावा जांच एजेंसी ने सीएसएमसीएल की ओर से नियुक्त नोडल ऑडिट फर्म पीएसएसी एंड एसोसिएट्स के भिलाई स्थित कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया। यहां से ऑडिट से संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर रहा है। ED की ओर से दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का उल्लेख किया गया है। मामले में कई अधिकारियों और कारोबारियों की भूमिका की जांच जारी है। EOW-ACB ने कहा है कि आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।





