सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, उज्जैन में महाकाल की सवारी तो देवघर में कांवड़ियों की लंबी कतार

नई दिल्ली। सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिव मंदिरों और ज्योतिर्लिंगों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से शिवालय गूंज उठे।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से लेकर वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल की पहली सवारी निकाली जाएगी। इस बार सवारी नए मार्ग से निकलेगी।
शाम 4 बजे शुरू होने वाली इस भव्य यात्रा को लेकर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। महाकाल मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और विशेष पूजा-अर्चना की गई।
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में कांवड़ियों की करीब 5 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। सावन सोमवार पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
प्रशासन के अनुसार, करीब 2 से 3 लाख भक्तों के आने की उम्मीद है। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में भी हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिर को फूलों से सजाया गया और मंगला आरती के बाद भक्तों ने भगवान शिव की पूजा की। हरिद्वार, प्रयागराज और अन्य शिव मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही।
सावन की कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने 3 से 10 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही में परेशानी न हो।
वहीं, राजस्थान, बिहार, हरियाणा और उत्तराखंड में भी सावन सोमवार को लेकर विशेष आयोजन किए गए। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए जगह-जगह इंतजाम किए हैं। पूरे देश में सावन के पहले सोमवार पर भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।



