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CJP के सौरव-आशुतोष 5 दिन की न्यायिक हिरासत में, राहुल बोले- तिरंगा लहराना अपराध नहीं

दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। तीनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। रात करीब 3 बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार किया गया। बुधवार सुबह उन्हें अदालत में पेश किया गया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। युवाओं को जेल भेजना कायरता है। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और विपक्षी दल संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर देश के लोगों का है और वे इसे वापस लेंगे।

CJP की लीगल टीम प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, नेताओं पर बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तें तोड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप हैं। हालांकि, ये आरोप हैं, जिन पर कानूनी प्रक्रिया के तहत फैसला होगा।

11 अक्टूबर को 50-50 हजार के मुचलके पर हुए थे रिहा

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। इससे पहले सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। 11 अक्टूबर को अदालत ने उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा किया था। शर्तों के तहत उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों से दूर रहने का बॉन्ड भरना था।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर नेताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है।

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