
रायपुर। छह महीने की उम्र में मां से बिछड़ी बेटी 42 साल बाद उन्हें तलाशते हुए रायपुर पहुंची है। नीदरलैंड में रहने वाली 43 वर्षीय सुनीता अब्दुला को पिता ने आखिरी वक्त में बताया था कि उनकी मां जमुना दत्ता जिंदा हैं और रायपुर में रहती हैं।
इसके बाद सुनीता मां से मिलने की उम्मीद लेकर करीब 7200 किलोमीटर का सफर तय कर रायपुर पहुंचीं। उन्होंने फाफाडीह, स्टेशन रोड और बैरनबाजार इलाके में तलाश की, लेकिन अब तक मां का पता नहीं चल पाया है। अब उन्होंने पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर और शासन-प्रशासन से मदद मांगी है।
पिता ने आखिरी वक्त में बताई मां और बहन की जानकारी
सुनीता के मुताबिक, 2025 में उनके पिता अब्दुला मुश्तफा की तबीयत बिगड़ी थी। उनसे मिलने वह सऊदी अरब गई थीं। इसी दौरान पिता ने बताया कि उनकी मां जमुना दत्ता रायपुर में रहती हैं और उनकी एक छोटी बहन शर्मिला भी है। यह जानकारी मिलने के बाद सुनीता ने मां को तलाशने की कोशिश शुरू की। इंटरनेट पर जानकारी नहीं मिलने के बाद उन्होंने खुद रायपुर आने का फैसला किया।
सऊदी अरब में हुई थी माता-पिता की मुलाकात
सुनीता की मां मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली थीं। नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब जाने के दौरान 1981 में उनकी मुलाकात अब्दुला मुश्तफा से हुई। दोनों ने शादी कर ली। सुनीता के जन्म के छह महीने बाद उनकी मां उनसे अलग हो गईं। इसके करीब तीन साल बाद छोटी बहन शर्मिला का जन्म हुआ। बचपन में सुनीता की परवरिश उनके चाचा और बुआ ने की।
14 दिन के वीजा पर आईं, मां से मिलने की आस
सुनीता नीदरलैंड के लिम्बर्ग प्रांत के लैंडग्राफ में रहती हैं और वहां सरकार में अनुवादक के रूप में काम करती हैं। वह चार बच्चों की मां हैं। सुनीता के मुताबिक, उनके पिता 1991 में रायपुर आए थे और जमुना से मिले थे। उस समय उनकी छोटी बहन फाफाडीह के सेंट जेवियर स्कूल में पढ़ती थी। इसके बाद परिवार का संपर्क टूट गया।
सुनीता 14 दिन के वीजा पर रायपुर आई हैं। अब वह चाहती हैं कि लौटने से पहले मां और छोटी बहन से मुलाकात हो जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मां और बहन को खोजने में उनकी मदद की जाए।





