सड़क हादसों में जनहानि रोकने मिशन मोड में काम करें: CM साय

‘जीरो फेटेलिटी’ के लिए परिवहन-पुलिस समेत 5 विभाग बनाएंगे कार्ययोजना; 23 ब्लैक स्पॉट पर सुधार के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए संबंधित विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकाय मिलकर ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करें।
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना से पहले रोकथाम और हादसे के बाद घायलों को तत्काल सहायता व उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां जरूरी सुधार तेजी से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 23 ब्लैक स्पॉट पर सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
पीएम-राहत और राहवीर योजना का होगा प्रचार
साय ने दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए पीएम-राहत और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को दुर्घटना के बाद पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने के प्रति जागरूक करने को कहा। बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के तहत पात्र पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार का प्रावधान है।
ग्रामीण बस सेवा का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का विस्तार करते हुए परिवहन सुविधा से वंचित दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से जोड़ने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में योजना के तहत 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसें संचालित हैं।
कोंटा-जगरगुंडा के बीच शुरू हुई बस सेवा का उदाहरण भी बैठक में दिया गया। बताया गया कि जहां पहले सफर में करीब 6 घंटे लगते थे, अब बस सेवा से यह दूरी लगभग 45 मिनट में पूरी हो रही है।
फिटनेस, HSRP और ड्राइविंग टेस्ट पर जोर
मुख्यमंत्री ने वाहनों की फिटनेस जांच को तकनीक आधारित बनाने, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन को प्रभावी करने और HSRP लगाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। ई-ट्रैक व्यवस्था के तहत CCTV और सेंसर आधारित कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट से योग्य चालकों को ही लाइसेंस देने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा पर्यटन स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन और लंबित चालानों की रिकवरी में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।





