छत्तीसगढ़ की 3 बच्चियों की उल्टी-दस्त से मौत, 2 ने इंदौर और तीसरी ने इटारसी में तोड़ा दम

जांजगीर-चांपा/इटारसी। मध्यप्रदेश में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के बाद छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की तीन बच्चियों की मौत हो गई। तीनों की उम्र 10, 8 और 5 साल बताई जा रही है।
इनमें दो बच्चियों ने इंदौर में दम तोड़ा, जबकि तीसरी की तबीयत छत्तीसगढ़ लौटते समय बिगड़ गई। उसे इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। तीनों बच्चियां एक ही परिवार की थीं।
जानकारी के मुताबिक, पीथमपुर की एलएनटी कंपनी में काम करने वाले नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी अमरोतिन का परिवार वहां रह रहा था। परिजन के अनुसार, रात करीब 2 बजे परिवार ने दाल, चावल, रोटी और सब्जी खाई थी। खाना खाने के कुछ ही समय बाद तीनों बच्चियों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। तबीयत तेजी से बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
इंदौर में दो बच्चियों की मौत
बेटमा थाना पुलिस के मुताबिक, इंदौर के अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन दोनों के शव एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव जांजगीर-चांपा ले जाने के लिए रवाना हुए।
परिजनों का आरोप है कि इंदौर के अस्पताल में दोनों बच्चियों के शव बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही सौंप दिए गए। इसी दौरान एंबुलेंस में मौजूद तीसरी बच्ची की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। उसे रास्ते में इटारसी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
पोस्टमॉर्टम और बिसरा रिपोर्ट से सामने आएगा कारण
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तीनों बच्चियों के शवों का पोस्टमॉर्टम इटारसी में कराया जाएगा। पुलिस के अनुसार, फिलहाल मौत की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है। खाना खाने के तुरंत बाद उल्टी-दस्त शुरू होने के कारण संदिग्ध फूड पॉइजनिंग की आशंका है।
टीआई सौरभ पांडे ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बिसरा जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के साथ खाने और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।





