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असम चुनाव 2026: भाजपा को झटका, मंत्री नंदिता गरलोसा अब कांग्रेस के साथ

दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच राज्य की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा ने ‘कमल’ का साथ छोड़कर कांग्रेस का ‘हाथ’ थाम लिया है। हाफलोंग सीट से मौजूदा विधायक और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहीं गरलोसा का टिकट कटना भाजपा के लिए महंगा साबित होता दिख रहा है।

टिकट कटने से बढ़ी नाराजगी

भाजपा ने इस बार हाफलोंग सीट से गरलोसा की जगह रुपाली लांगथासा को उम्मीदवार बनाया है। अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से पत्ता कटने के बाद से ही नंदिता गरलोसा बागी तेवर अपनाए हुए थीं। हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद उनके घर जाकर उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन यह मुलाकात बेनतीजा रही। सीएम से मिलने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर सबको चौंका दिया।

कांग्रेस ने बनाया हाफलोंग से उम्मीदवार

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के महासचिव निर्मल लंगथासा की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि नंदिता गरलोसा अब हाफलोंग सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार होंगी। पार्टी का मानना है कि वह पिछले पांच वर्षों से दीमा हसाओ की मजबूत आवाज रही हैं। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि आदिवासियों के हितों की अनदेखी करने के कारण समर्पित नेताओं को किनारे किया जा रहा है।

भाजपा में भीतरघात का खतरा

नंदिता का जाना भाजपा के लिए एक बड़ी चेतावनी है। हाल ही में कांग्रेस से आए दिग्गज नेताओं (प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा) को टिकट दिए जाने से पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष है। कई मौजूदा विधायक अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दे रहे हैं, जिसे संभालने के लिए सीएम हिमंता और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया लगातार कोशिशें कर रहे हैं।

नंदिता गरलोसा का यह दलबदल न केवल हाफलोंग बल्कि आसपास की आदिवासी सीटों पर भी चुनावी समीकरण बदल सकता है।

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