रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में बुधवार को प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा पुनर्वास के लिए दिए गए ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और मकान इतने छोटे हैं कि पूरे परिवार का रहना मुश्किल है।
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान रायपुर जिला कांग्रेस के कई नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए और ग्रामीणों का समर्थन किया।
सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व गरीबों के सिर पर छत देना है, न कि उनका घर उजाड़कर अपने लिए आवास बनाना। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गरीबों का घर उजाड़कर ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए।”
विधायक ने सुझाव दिया कि यदि नई विधायक कॉलोनी बनाना आवश्यक है, तो नवा रायपुर में उपलब्ध सरकारी भूमि पर इसका निर्माण किया जाए, ताकि किसी गरीब परिवार को विस्थापन का दर्द न झेलना पड़े। उन्होंने प्रभावित परिवारों के उचित पुनर्वास, पर्याप्त मुआवजे और कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की।
गौरतलब है कि 29 जून को नकटी गांव में करीब 80 मकानों पर बुलडोजर चलाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई से दो दिन पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बरसात तक तोड़फोड़ नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद मकान तोड़ दिए गए। वहीं प्रशासन का दावा है कि सभी प्रभावित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की प्रक्रिया जारी है।
