जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान शुरू: मंत्री रामविचार नेताम बोले- जनजातीय विकास में मील का पत्थर साबित होगा अभियान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार से “जनजातीय गरिमा उत्सव” अभियान की शुरुआत हो गई। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का संचालन आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। यह अभियान 18 से 25 मई तक प्रदेशभर में चलेगा।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह पहल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के शत-प्रतिशत विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत 2047 विजन में जनजातीय क्षेत्रों का विकास बेहद महत्वपूर्ण है। मजबूत भारत के निर्माण के लिए जनजातीय बसाहटों का सशक्त और समग्र विकास जरूरी है।
मंत्री नेताम ने कहा कि पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान और सर्वेसेतु ऐप में बेहतर प्रदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है। उन्होंने अधिकारियों से अभियान के मूल उद्देश्यों को गंभीरता से लागू करने की अपील की।
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और आयुक्त डी. राहुल वेंकट के नेतृत्व में अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पहले दिन जिला स्तर पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई।
अभियान के तहत जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसमें जमीनी संपर्क, स्वास्थ्य जागरूकता, सेवा संतृप्ति अभियान और आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण कर उनकी रिपोर्ट प्रतिदिन आदि प्रसारण पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
प्रदेश में पीएम जनमन योजना के तहत चयनित 1544 गांवों, धरती आबा अभियान के 6691 गांवों और 7222 आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से अभियान संचालित किया जाएगा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ जनजातीय हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा।





