59 साल के मकान मालिक की हैवानियत; किराएदार युवती से रेप, प्रेग्नेंट हुई तो खिलाई पेनकिलर, मां-बच्चे दोनों की मौत

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। डौंडीलोहारा में एक 59 वर्षीय मकान मालिक ने न केवल 22 साल की मजबूर युवती का शारीरिक शोषण किया, बल्कि अपनी करतूत छिपाने के चक्कर में युवती और उसके अजन्मे बच्चे की जान ले ली। पुलिस ने आरोपी सुनील घरडे को उसकी ‘यूट्यूब सर्च हिस्ट्री’ के आधार पर दबोच लिया है।
गरीबी का फायदा उठाकर किया रेप
मृतक युवती अपने परिवार के साथ आरोपी सुनील घरडे के मकान में 1500 रुपए किराए पर रहती थी। आरोपी के पिता बीएसपी (BSP) के रिटायर्ड कर्मचारी थे, जिनकी संपत्ति का सुनील वारिस था। युवती के पिता की मौत के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। आरोपी ने इसी लाचारी का फायदा उठाया और युवती को पैसे का लालच देकर व डरा-धमकार लगातार रेप किया।
9वें महीने में दी दर्दनाक मौत
जब युवती 4 महीने की प्रेग्नेंट हुई, तो उसने अपनी मां को सच बताया। आरोपी ने बदनामी और घर से निकालने की धमकी देकर मां-बेटी को पुलिस के पास जाने से रोक दिया। आरोपी लगातार यूट्यूब पर ‘गर्भ गिराने के तरीके’ सर्च करता रहा। 9 मार्च को जब युवती को प्रसव पीड़ा (Labor Pain) हुई, तो आरोपी डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय मेडिकल स्टोर से पेनकिलर ले आया। दवाई खाते ही युवती की तड़प बढ़ गई और प्रसव के दौरान बच्चा फंसने से महज 15 मिनट के भीतर मां और नवजात दोनों की मौत हो गई।
अंतिम संस्कार के दौरान खुला राज
आरोपी चुपचाप शवों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले पहुंचे रिश्तेदारों को युवती का पेट फूला देख संदेह हुआ। वार्डवासियों की सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें 9 महीने के नवजात के फंसे होने की पुष्टि हुई।
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया, लेकिन उसके मोबाइल की यूट्यूब सर्च हिस्ट्री और DNA जांच की धमकी ने उसका गुनाह कबूल करवा दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और रेप (BNS की धारा 105, 64 व अन्य) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।





