आरक्षक ने ही साथी का मोबाइल चुराकर उड़ाए 4.87 लाख: ऑनलाइन गेम की लत में खाते से निकाले पैसे, साइबर पुलिस ने किया गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रक्षक ही भक्षक बन गया। 11वीं बटालियन में तैनात एक आरक्षक ने अपने ही साथी जवान का मोबाइल चोरी कर उसके बैंक खाते से करीब 4.87 लाख रुपए निकाल लिए। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और उसने चोरी की पूरी रकम गेमिंग में गंवा दी।
मामले की शुरुआत 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक सुधीर कुमार सिंह की शिकायत से हुई। उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल की रात उन्होंने अपना मोबाइल बैरक में चार्जिंग पर लगाया था। अगली सुबह ड्यूटी पर जाने के दौरान मोबाइल गायब मिला। शुरुआत में इसे सामान्य चोरी समझा गया, लेकिन जब वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि 24 अप्रैल से 3 मई के बीच उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 4 लाख 87 हजार 911 रुपए निकाल लिए गए हैं।
शिकायत मिलते ही जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल में संदेह 11वीं बटालियन के ही आरक्षक सुनील कुमार यादव पर गया, जो घटना के बाद से बटालियन परिसर से गायब था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि मोबाइल चोरी करने के बाद उसमें मौजूद दस्तावेजों और जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी यूपीआई आईडी बनाई। इसके बाद उसने पीड़ित के बैंक खाते से किस्तों में पूरी रकम निकालकर ऑनलाइन गेम में खर्च कर दी।
साइबर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले में डिजिटल साक्ष्य जुटाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली थी या नहीं।





