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आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम: सीएम साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद जिले के सिरकट्टी धाम आश्रम स्थित भव्य श्रीरामजानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के सर्वोच्च शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना की और सिरकट्टी धाम को आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रमुख केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में समरसता भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद देशभर में जो आध्यात्मिक वातावरण बना है, उसी की निरंतरता सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा स्थापना के रूप में दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों और साधु-संतों की भूमि है, जहां धर्म केवल आस्था नहीं बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी है। छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी भूमि पर व्यतीत किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दंडकारण्य क्षेत्र, जो कभी नक्सल प्रभावित था, आज तेजी से शांति और विकास की राह पर है। राज्य सरकार की श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत अब तक 39 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निशुल्क तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना से पांच हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के पांच शक्तिपीठों के विकास, भोरमदेव क्षेत्र के लिए 148 करोड़ रुपये की स्वीकृति और राजिम कल्प-कुंभ के भव्य आयोजन की तैयारी भी जारी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रीरामजानकी मंदिर जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण है। लगभग 22 हजार परिवारों के सहयोग से 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह मंदिर छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक है। राजस्थान के शिल्पियों द्वारा पारंपरिक शैली में निर्मित यह मंदिर आने वाले वर्षों तक श्रद्धा और संस्कृति का केंद्र बना रहेगा।

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