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ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं में देरी पर सख्ती: जियोटैग फोटो के साथ रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों में तेजी लाई जाए और हर सप्ताह जियोटैग फोटो के साथ प्रगति रिपोर्ट ई-प्रगति पोर्टल पर अपलोड की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन एजेंसियों की वजह से परियोजनाएं प्रभावित होंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में ई-प्रगति पोर्टल पर दर्ज राज्य की पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें बिलासपुर के उसलापुर और कोनी स्थित वर्किंग वुमेन हॉस्टल, 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना, मोबाइल टॉवर के लिए विद्युत अधोसंरचना परियोजना और गरियाबंद जिले की सिकारसर-कोडार रिसीवर लिंक कैनाल परियोजना शामिल रही।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग के लिए हर सप्ताह फोटो जियोटैग के साथ रिपोर्ट अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड की जाए।

उन्होंने मोबाइल टॉवर स्थापना में आ रही भूमि आवंटन और तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर जल्द दूर करने को कहा।

उन्होंने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बीजापुर, कांकेर, कोरबा, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, कोरिया, सूरजपुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव समेत 21 जिलों के कलेक्टर जुड़े।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी महत्वपूर्ण परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों, ताकि जनता को जल्द लाभ मिल सके।

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