
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक टूटकर 76,800 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी करीब 150 अंक फिसलकर 24,000 के आसपास पहुंच गया।
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख भी घरेलू निवेशकों की धारणा को मजबूत नहीं कर सका।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.69% और जापान का निक्केई 1.93% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग 0.72% की गिरावट में रहा।
हालांकि, अमेरिकी बाजारों ने मंगलवार को सकारात्मक प्रदर्शन किया था। डाउ जोन्स 385 अंक (0.74%), नैस्डैक 329 अंक (1.29%) और एसएंडपी 500 इंडेक्स 66 अंक (0.89%) की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
इसके बावजूद भारतीय बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा।
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (FII-DII) के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले सात दिनों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 4,660 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने इसी अवधि में 4,053 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की है।
ताजा कारोबारी सत्र में FII ने 1,650 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की, जबकि DII की ओर से 657 करोड़ रुपए की बिकवाली दर्ज की गई।
इससे पहले मंगलवार को भी शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। 21 जुलाई को सेंसेक्स 238 अंक गिरकर 77,470 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 51 अंक टूटकर 24,188 के स्तर पर आ गया था।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक संकेतों, मुनाफावसूली और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब आगामी कॉरपोरेट नतीजों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर रहेगी।





