संवाद से समाधान: कमराखोल में मुख्यमंत्री ने दूर की बिजली बिल की चिंता

रायपुर। सुदूर वनांचल ग्राम कमराखोल में आयोजित चौपाल ने सुशासन की एक जीवंत तस्वीर पेश की, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। 4 मई को ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आम के पेड़ के नीचे आयोजित इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।
बिजली बिल की चिंता पर मिला भरोसे का समाधान
चौपाल के दौरान एक ग्रामीण ने बढ़ते बिजली बिल और बकाया राशि को लेकर चिंता जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत आश्वस्त करते हुए कहा, “घबराने की जरूरत नहीं है, आपकी सरकार आपके साथ है।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत पुराने बकाया में राहत दी जा रही है। इस योजना से घरेलू उपभोक्ताओं, कृषि पंप धारकों और विशेष रूप से बीपीएल परिवारों को लाभ मिल रहा है, जिससे आर्थिक बोझ कम हो रहा है।
मौके पर निर्देश, गांव में ही समाधान
मुख्यमंत्री ने सिर्फ आश्वासन ही नहीं दिया, बल्कि तत्काल कलेक्टर गोपाल वर्मा को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएं। इससे कमराखोल और आसपास के गांवों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा और गांव में ही त्वरित समाधान मिल सकेगा। कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 13 हजार से अधिक उपभोक्ता इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं और करीब 11.75 करोड़ रुपए की छूट दी जा चुकी है।
सुशासन की मिसाल बना कमराखोल
कमराखोल की यह चौपाल शासन और जनता के बीच भरोसे के मजबूत रिश्ते का उदाहरण बन गई। मुख्यमंत्री की पहल ने यह साबित किया कि जब नेतृत्व सीधे जनता से जुड़ता है, तो जटिल समस्याओं का समाधान भी सरल हो जाता है। यह आयोजन दर्शाता है कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की प्रतिबद्धता है।





