यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: नीदरलैंड्स ने पहली बार जारी किया रेड अलर्ट, ट्रेनों की पटरी मुडी; कई देशों में 40°C तक पहुंचा पारा

दिल्ली। यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी और रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि नीदरलैंड्स ने अपने इतिहास में पहली बार गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। देश के राष्ट्रीय मौसम संस्थान ने नागरिकों को सतर्क रहने और सरकार व आपातकालीन सेवाओं की सलाह का पालन करने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रेड अलर्ट नीदरलैंड्स के 12 में से 8 प्रांतों में लागू किया गया है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों और दक्षिणी प्रांत जीलैंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह चेतावनी कम से कम शनिवार तक प्रभावी रहेगी।

भीषण गर्मी का असर जनजीवन और परिवहन सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अत्यधिक तापमान के कारण डच रेल ऑपरेटर ने कई ट्रेन सेवाएं कम कर दी हैं। वहीं, बुनियादी ढांचा मंत्रालय ने लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही सड़क यात्रा करने की सलाह दी है।

गर्मी की यह लहर केवल नीदरलैंड्स तक सीमित नहीं है। फ्रांस और ब्रिटेन में जून महीने के तापमान के पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं, जबकि इटली में सप्ताहांत तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

जर्मनी में अत्यधिक गर्मी के कारण A2 मोटरवे की सड़क कई स्थानों पर मुड़ गई और फट गई। ऑस्ट्रिया में रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के चलते रेल पटरियां टेढ़ी हो सकती हैं। वहीं स्वीडन में अधिक तापमान के कारण रेल पटरी मुड़ने से एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई, जिससे स्टॉकहोम और गोथेनबर्ग के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ।

जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि 20 जून से शुरू हुई यह हीटवेव यूरोप की अब तक की सबसे गंभीर गर्मी की लहरों में से एक है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी चरम मौसम घटनाएं और अधिक बार देखने को मिल सकती हैं।

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