सेवा संकल्प अभियान: महिला के नाम जमीन की रजिस्ट्री पर बचाए 2,430 रुपए

गरियाबंद की प्रेमलता गिरी को 50% पंजीयन शुल्क में छूट; सुगम एप से जमीन की पहचान और व्हाट्सएप पर मिला दस्तावेज
रायपुर। अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने वाली गरियाबंद जिले के पारागांव की प्रेमलता गिरी को सरकार की पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों का सीधा लाभ मिला। महिला क्रेता होने के कारण उन्हें पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिली। इससे करीब 2,430 रुपए की बचत हुई। इसके साथ ही डिजिटल सुविधाओं के चलते रजिस्ट्री की प्रक्रिया में समय भी बचा और कार्यालय के चक्कर कम हुए।
सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से बातचीत में प्रेमलता ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री से पहले ही संपत्ति के बाजार मूल्य और लगने वाले शुल्क की जानकारी मिल गई थी। इससे उन्हें पूरी प्रक्रिया और खर्च का अनुमान पहले से हो गया। महिला के नाम संपत्ति अंतरण पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किए जाने से उन्हें आर्थिक राहत मिली।
सुगम एप से जमीन की पहचान
रजिस्ट्री प्रक्रिया में डिजिटल सुविधाओं का भी लाभ मिला। सुगम एप के माध्यम से जमीन की पहचान सुनिश्चित हुई। ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने, आधार आधारित पहचान सत्यापन और अन्य डिजिटल सुविधाओं से प्रक्रिया आसान हुई। आवश्यक जानकारी पहले उपलब्ध होने से समय की बचत हुई और अनावश्यक दौड़भाग कम हुई।
व्हाट्सएप पर मिला पंजीकृत दस्तावेज
रजिस्ट्री पूरी होने के बाद प्रेमलता को पंजीकृत दस्तावेज व्हाट्सएप पर ही प्राप्त हो गया। इसके लिए अलग से कार्यालय जाकर दस्तावेज लेने की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने सरकार की इस पहल को महिलाओं के लिए उपयोगी बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए पंजीयन शुल्क में राहत दी गई है। सरकार का कहना है कि शुल्क में कमी के साथ डिजिटल सुविधाओं से पंजीयन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित हुई है। प्रेमलता का अनुभव इसी बदलाव का उदाहरण है।





