ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। सरकार में शामिल इकलौते बौद्ध मंत्री दीपेन दीवान चकमा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मामलों के मंत्री पद से त्यागपत्र सौंपा, जिसे प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।
दीपेन दीवान चकमा तारिक रहमान सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय का प्रमुख चेहरा माने जाते थे। BNP की चुनावी जीत में अल्पसंख्यक समुदायों की भी अहम भूमिका रही थी और इसी प्रतिनिधित्व के तहत उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। सरकार में करीब तीन महीने तक मंत्री रहने के बाद उनका इस्तीफा सामने आया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त प्रेस सचिव अतीकुर रहमान रुमोन ने बताया कि मंत्री ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अपना पद छोड़ने का निर्णय लिया है। अपने इस्तीफे में दीपेन दीवान चकमा ने लिखा है कि शारीरिक अस्वस्थता के कारण वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे थे, जिससे सरकारी कार्यों और विकास योजनाओं की गति प्रभावित हो सकती थी।
हालांकि उनके समर्थक इस दावे से सहमत नहीं हैं। समर्थकों का कहना है कि मंत्री ने स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि कथित राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के चलते इस्तीफा दिया है। उनका दावा है कि इतने कम समय में पद छोड़ना सामान्य बात नहीं है और इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।
दीपेन दीवान चकमा का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वे पहले न्यायिक सेवा में वरिष्ठ संयुक्त जिला जज के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2005 में उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर BNP का दामन थाम लिया था। उनके इस्तीफे के बाद अब बांग्लादेश की राजनीति में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व और सरकार की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकार की ओर से फिलहाल नए मंत्री की नियुक्ति को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है।
