धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज: वृंदावन में लगे ‘संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे, अखिलेश यादव पर भी निशाना

मथुरा/वृंदावन। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर विवाद बढ़ने के बीच संत समाज उनके समर्थन में उतर आया है। वृंदावन में संतों और कथावाचकों की बैठक हुई, जिसमें धीरेंद्र शास्त्री के बयान को सही ठहराते हुए विरोध करने वालों पर निशाना साधा गया। इस दौरान संतों ने ‘संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे भी लगाए।
बैठक में धर्माचार्यों ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। उनके मुताबिक, भगवान श्रीराम का अवतार मर्यादा की स्थापना के लिए हुआ था, जबकि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार लीलाओं के लिए हुआ। ऐसे में दोनों के प्रसंगों में अंतर होना स्वाभाविक है। संतों ने कहा कि विरोध करने वाले लोग बयान का भावार्थ समझने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
संतों को बदनाम करने का आरोप
कार्ष्णि नागेंद्र जी महाराज ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म और संतों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत समाज परंपराओं की रक्षा करता है और उनके अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे का असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।
अखिलेश यादव से कृष्ण जन्मभूमि पर सवाल
कथावाचक संजीव कृष्ण ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि अगर उन्हें भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म से प्रेम है तो उन्हें मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे पर अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के लिए संतों को निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं, कथावाचक ठाकुर कृष्ण चंद्र शास्त्री ने भी धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण की अलग-अलग भावों से पूजा होती है। कुछ लोग टीआरपी और व्यू के लिए धार्मिक मुद्दों पर बयान देते हैं। बैठक में संतों ने एकजुट होकर धीरेंद्र शास्त्री के साथ खड़े रहने की बात कही।





