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छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र: पेंशन, वृद्धाश्रम और तीर्थ यात्रा से मिल रहा सहारा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में वृद्धजनों के लिए योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। इन प्रयासों से बुजुर्गों को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

राज्य में योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग “सीनियर सिटीजन कार्ड” की जरूरत नहीं है। आधार कार्ड और अन्य वैध दस्तावेजों से पात्रता का सत्यापन कर सीधे लाभ दिया जा रहा है। राजधानी रायपुर समेत विभिन्न जिलों में संचालित 27 वृद्धाश्रमों में 675 निराश्रित और असहाय वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क आवास, भोजन और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं।

गंभीर रूप से बीमार और बिस्तर पर आश्रित बुजुर्गों के लिए राज्य में 13 पैलिएटिव केयर (प्रशामक गृह) संचालित हैं। रायपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, रायगढ़ और बेमेतरा में 140 वरिष्ठ नागरिक यहां लाभान्वित हो रहे हैं।

वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत बीपीएल और एसईसीसी वंचन समूह के बुजुर्गों को 500 रुपए प्रतिमाह, जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 680 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। सहायक उपकरण योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित वृद्धजनों को 6900 रुपए तक के व्हीलचेयर, वॉकर, श्रवण यंत्र, चश्मा और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 यात्राओं के माध्यम से 10,694 हितग्राहियों को लाभ मिला है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर गरिमामय जीवन देना है।

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